प्रदेश की बड़ी ग्राम पंचययतों का होगा टेक्निकल ऑडिट
महराजगंज के परतावल और बृजमनगंज के एक एक गांव का होगा ऑडिट लखनऊ: योगी सरकार प्रदेश की ग्राम पंचायतों में पिछले तीन वर्षों में हुए कामों की जांच कराएगी। यह तकनीकी परीक्षण सैम्पलिंग के आधार पर किया जाएगा। 14वें केंद्रीय वित्त, चतुर्थ राज वित्त व स्वच्छ भारत मिशन (ग्रा.) के पैसे से निर्माण, मरम्मत एवं रखरखाव के हुए कामों को देखा जाएगा कि वह जमीन पर उतरे हैं या नहीं। तकनीकी परीक्षण के लिए गठित कमेटी सन 2015—16 से 2017—18 तक हुए कामों का मूल्यांकन करेगी। सैम्पलिंग के आधार पर जांच के लिए राज्य भर से 150 ग्राम पंचायतों का चयन होगा। शासन ने सप्ताह भर के अंदर परीक्षण की रिपोर्ट तलब की है। बता दें कि newstrack.com / अपना भारत, विभाग के घोटालों का लगातार खुलासा कर रहा है। दरअसल जीरो टालरेंस की नीति को लेकर सत्ता में आयी योगी सरकार को पंचायतीराज विभाग के कामों की ढेरों शिकायतें मिलती रही हैं। इसको देखते हुए तय किया गया कि ग्राम पंचायतों के कामों का तकनीकी परीक्षण करा लिया जाए। चूंकि प्रदेश में 75 जिले हैं। आबादी के लिहाज से भी यूपी सबसे बड़ा प्रदेश है तो तय किया गया कि हर जिले की दो ग...