प्रधान संघ ने किया समान अधिकार की मांग


महराजगंज लक्ष्मीपुर।
प्रधान संघ लक्ष्मीपुर एवं नौतनवा के संयुक्त तत्वावधान में एक प्रतिनिधि मंडल उप जिलाधिकारी नौतनवा से मुलाकात कर समान अधिकारों की मांग करते हुए महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व प्रधान संघ के अध्यक्ष भीमसेन सिंह एवं राजू दुबे ने किया। ज्ञापन की मुख्य बातें इस प्रकार है- ।1-यह कि पंचायतिराज व्यवस्था के अनुसार सिधे जनताद्वारा चुने जाने के बाद प्रधान को जनप्रतिनिधि का दर्जा मिल जाता है।तो उसे वह सुविधा क्यों नही मिलती जो जनप्रतिनिध अधिनियम के तहत सांसदो ,विधायको को मिलती है?2-यह कि क्या लोकसभा,विधानसभा,विधानपरिषद में सिर्फ सांसदो ,विधायको के वेतन,भत्ता,महँगाई,फरनिचर, आदि का एक ही बिल ऐसा है।जो पुरे देश में देशभक्ति से सराबोर है जिसे इस देश के सांसद,विधायक निर्विवाद शंखनाद कर विना जुता चप्पल चले एक मत होकर पारित कर लेते है?तो हमारा भी वेतन,भत्ता ,पेंशन विधानसभा में बिना जुता चप्पल चले एक मत से पारित हो।3-यह कि राज्यकर्मचारी60वर्ष उम्र तक सेवा करके पेंशन का भागीदार वुढापे में नहीं बन सकता।और पंचायतप्रतिनिध भी पाँच साल के लिए चुने जाने के बाद भी पेंशन का भागीदार नहीं है।तो सांसदो ,विधायको के पेंशन बंद होना चाहिए।नही तो हमें भी मिलना चाहिए।4-यह कि सांसदो,विधायको को यात्रा की सुविधा जनप्रतिनिधि के नाते मिलती है तो हमें भी मिलनी चाहिए।और नहीं तो यह बंद होना चाहिए।उनको देश का मिलता है तो हमें भी प्रदेश का मिलना चाहिए।5-यहकि गाँवपंचायतो को मिले धन की आडिट ,कार्ययोजना जैसे तैयार होती है ।वैसे ही सांसद,विधायकनिधि में किया जाय गाँव मे लाखो मे धन आता है तो साँसद विधायकनिधि में करोडो आता है।।6-यह कि मनरेगा को गाँवनिधि से जोडने से गाँवनिधि का सही सदुपयोग होगा तो साँसदऔर विधायकनिधि को जोड़ देना चाहिए अधिक मानवदिवस सृजित होगा।नहीं तो दोहरे मापदंड का हम सब विरोध करते है।7-यह कि भारतवर्ष के कानुन में सभी के सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार की है।तो सबको निजी सुरक्षा मिलनी चाहिए।और अगर जनप्रतिनिधि के नाते सांसदो विधायको को सुरक्षा मिलती है तो हमें क्यों नहीं?सरकार हर पंचवर्षीय आकडे को सांसद विधायको की हत्या अधिक हुई है या प्रधानो की?हम प्रधानो को कम से कम निजि सुरक्षा हेतु लायसेंस दिए जाय।और नहीं जैसे प्रधानो की सुरक्षा भगवान भरोसे है ऐसे ही सांसद विधायको को उनके कर्म पर छोड़ दिया जाए।8-यह कि पंचायतप्रतिनिधो को कम से कम सांसदो विधायको का एक चौथाई पेंशन ,वेतन कानून बना कर अविलंब पारित किया जाय।9-यह कि पंचायतिराज के सभी अधिकार प्रधानो का बहाल किया जाय।तथा गांवसभा में कोटेदार आगनवाडी रोजगारसेवक सफाईकमिॅ पर नियंत्रण बहाल किया जाया ।10-यह कि गाँवपंचायतो के प्रशासनसमिति के बैठक के प्रस्ताव को उपजिलाधिकारी महोदय तत्काल अमल लाए जिससे पंचायतो को जो अधिकार मिला है।वह वहाल हो।11-यह कि घटना दुर्घटना हत्या आदि में प्रधानो के परिवार को सहायताधनराशि मिलना सुनिश्चित हो ,अतःआप से विनम्र निवेदन है कि हम प्रधानगण के माँगपत्र के सभी विन्दुओ पर न्याय दिलाने की कृपा करे। प्रतिनिधिमंडल में मजहर अली, याशीन, भानु पांडेय, ओम प्रकाश, देवेंद्र सिंह, धर्मवीर, संतोष चौरसिया, दूधनाथ चौधरी, जनार्दन,बलवंत आदि प्रधान एवं प्रधान प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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