सतत विकास को दृष्टिगत रखते हुये संसाधनों का उपयोग करना ही वास्तविक विज्ञान - आशीष
सतत विकास को दृष्टिगत रखते हुये संसाधनों का उपयोग करना ही वास्तविक विज्ञान है। नई पीढी में इस विचारधारा का सम्वहन शिक्षकों का गुरूतर दायित्व है। उक्त बातें राजकीय जुबिली इण्टर कालेज गोरखपुर विज्ञान एवं प्रौद्यौगिकी मन्त्रालय भारत सरकार द्वारा समर्थित एवं प्रायोजित राष्ट्रीय बाल विज्ञान काग्रेस के तत्वावधान में ‘‘विज्ञान प्रौद्यौगिकी एवं नवाचार-सतत विकास के लिये’’ विषय पर आयोजित एक दिवशीय जिला स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला में बतौर मास्टर ट्रेनर डाॅ आशीष कुमार सिंह ने कही। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय बाल विज्ञान काग्रेस में प्रतिभाग करने के लिये छात्रों को राष्ट्रीय बाल विज्ञान काग्रेस की बेबसाईट ncsc.co.in पर अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराना होगा। मुख्य विषय से सम्बन्धित आठ उप विषय है जिसमें 1-प्राकृतिक संसाधनों का प्रबन्धन 2-खाद्य सामग्री एवं कृषि 3- ऊर्जा 4- स्वास्थ्य सफाई एवं पोषण 5-हमारी जीवन शैली एवं आजीविका 6- आपदा प्रबन्धन 7-पारम्परिक ज्ञान प्रणाली ’8- दिव्यांगो के लिये सुगमता सम्मिलित है। डाॅ सिंह ने कहा कि गोरखपुर जनपद का प्रत्येक विद्यार्थी जो 10 से 17 वर्ष आयु वर्ग के मध्य का होगा तीन या पाच बच्चों के समूह में इस गतिविधि में प्रतिभाग कर सकता है। यह काग्रेस जिला राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होगा। जिला स्तर के बाद चयनित बाल वैज्ञानिको को आगे आने जाने एवं रहने खाने का व्यय राष्ट्रीय बाल विज्ञान काग्रेस द्वारा वहन किया जायेगा। स्थानीय प्रायोजक टयूटर्स डोर द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर चयनित प्रत्येक टीम को रू0 दस हजार की स्कालरशिप तथा उनके मार्गदर्शक शिक्षक को रू0 5000 प्रोत्साहन राशि एवं प्रशस्ति पत्र दिया जायेगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये राजकीय जुबली इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य नन्द प्रसाद यादव ने कहा कि विज्ञान का क्षेत्र एक विषय मात्र तक सीमित नही है। यह हमारे जीवन के प्रत्येक दिनचर्या को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक वैज्ञानिक तरीके से विद्यार्थियों में सिखने की ललक उत्तपन्न करने में सफल हो जाते है तो उनका अधिकांश कार्य सम्पन्न हो जाता है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान काग्रेस की पद्धति शिक्षकों के लिये लाभकारी सिद्ध होगी।
इससें पूर्व कार्यक्रम का औपचारिक शुरूआत सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं द्वीप प्रज्ज्वलन के द्वारा हुआ। स्वागत भाषण एवं विषय प्रवर्तन राष्ट्रीय बाल विज्ञान काग्रेस के जिला कार्यक्रम समन्वयक आकाश वर्मा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन राजकीय जुबिली इण्टर कालेज गोरखपुर के शिक्षक एवं आयोजन प्रभारी ज्ञानेश पाण्डेय ने किया।
कार्यशाला में राजकीय जुबिली इण्टर कालेज गोरखपुर, मारवाड़ इण्टर कालेज, ए0 डी0 गल्र्स इण्टर कालेज, सेण्टएण्ड्रूज इण्टर कालेज, जनता इण्टर कालेज, एम एस आई इण्टर कालेज, नेहरू इण्टर कालेज अमहिया, सांस्कृतायन इण्टर कालेज मलाॅव, डी0 बी0 इण्टर कालेज, वी0 डी0 इण्टर कालेज डुमरी निवास, मधुसूधनदास डिग्री कालेज एवं टयूटर्स डोर संस्था से कुल 37 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला के आयोजन में वरून कुमार दूबे अभिषेक कुमार दूबे एकता, आयुषी शर्मा, अरून कुमार दूबे, शशांक, विषाखा यादव एवं शिवम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
ncsc.co.in
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुये राजकीय जुबली इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य नन्द प्रसाद यादव ने कहा कि विज्ञान का क्षेत्र एक विषय मात्र तक सीमित नही है। यह हमारे जीवन के प्रत्येक दिनचर्या को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षक वैज्ञानिक तरीके से विद्यार्थियों में सिखने की ललक उत्तपन्न करने में सफल हो जाते है तो उनका अधिकांश कार्य सम्पन्न हो जाता है। राष्ट्रीय बाल विज्ञान काग्रेस की पद्धति शिक्षकों के लिये लाभकारी सिद्ध होगी।
इससें पूर्व कार्यक्रम का औपचारिक शुरूआत सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं द्वीप प्रज्ज्वलन के द्वारा हुआ। स्वागत भाषण एवं विषय प्रवर्तन राष्ट्रीय बाल विज्ञान काग्रेस के जिला कार्यक्रम समन्वयक आकाश वर्मा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन राजकीय जुबिली इण्टर कालेज गोरखपुर के शिक्षक एवं आयोजन प्रभारी ज्ञानेश पाण्डेय ने किया।
कार्यशाला में राजकीय जुबिली इण्टर कालेज गोरखपुर, मारवाड़ इण्टर कालेज, ए0 डी0 गल्र्स इण्टर कालेज, सेण्टएण्ड्रूज इण्टर कालेज, जनता इण्टर कालेज, एम एस आई इण्टर कालेज, नेहरू इण्टर कालेज अमहिया, सांस्कृतायन इण्टर कालेज मलाॅव, डी0 बी0 इण्टर कालेज, वी0 डी0 इण्टर कालेज डुमरी निवास, मधुसूधनदास डिग्री कालेज एवं टयूटर्स डोर संस्था से कुल 37 शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला के आयोजन में वरून कुमार दूबे अभिषेक कुमार दूबे एकता, आयुषी शर्मा, अरून कुमार दूबे, शशांक, विषाखा यादव एवं शिवम का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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